मेरे ब्लाग का परीक्षण
मैं पहली बार इस ब्लाग के माध्यम से हिन्दी में लिखने की कोशिश कर रहा हूँ। यह सिर्फ़ परीक्षण है - समाचार नहीं है।
मुकुल (माइकल कोगिंस)
विसकांसिन विश्वविद्यालय - मैडिसन के हिन्दी सीखने वाले छात्रों के गुफ़्तगू की इब्तदा
मैं पहली बार इस ब्लाग के माध्यम से हिन्दी में लिखने की कोशिश कर रहा हूँ। यह सिर्फ़ परीक्षण है - समाचार नहीं है।
मुकुल (माइकल कोगिंस)
10 Comments:
चलिये मुकुल जी अच्छा है, पहली पोस्टिंग तो हो गयी। श्री गणेश आपने किया है तो बाकी सब अच्छा ही होगा।
नमस्ते सब लोग! अभी मैं ब्लाग कर रही हूँ, लेकिन मेरे पास कुछ बोलना नही है. आज मेरी सहेली ने मुझे एक अपना पेपर भेज. वह मंग है, मतलब वह लाओस से है. और सेप्तेंबर में वह "रेफ़्यूजी केंप्ज" थाइलेन्द में देखने को गई. उसका पेपर इस यात्रे के बारे में है. यह कहानी बहुत दुख:द है; वह परदेशी का घाटा लिखती है. मैं जाना चाहिये, लेकिन मैं बाद का समय ज्यादा लिखूँगी.
नमसते हम लोग । आज मैंने कंपयूटर से लड़ी । मुछसे हींदी भाषा में लीखने मुिशकल हैं ।
इस तीसरे पहर मैं िकताब पढ़ी । आब मैं बीमार हैं । जलदी मैं सोएगी ।
विजय भाई,
आपका नया हिन्दी ब्लाग यानि चिट्ठा बनने पर बहुत बहुत बधाई.
कितना ही अच्छा हो आप इस ब्लाग के जरिये, हिन्दी सिखाने का भी इन्तजाम करें.
विस्कॉंसिन वालों,
बधाई हो।
आपके लेखों में मीन मेख निकालें तो आपको खुशी होगी या दुःख?
जय हो। भाई इतनी सर्दी में भी हिंदी की गरमी बनाए हो इसके लिए बधाईयाँ। आलोक बाबू की बात हम भी पूछता हूँ कि अगर कुछ त्रुटियों के बारे में लिखें तो कैसा लगेगा।
I have been trying to figure out this unicode Hindi font, but can't understand how you do half letters. Anyone have a clue? (I know you do, I can see you writing in Hindi right now).
S
मुकुल भैया , स्वागतम्
आप लोगों का उत्साह तो मरे हुए लोगों में भी प्राण डाल सकता है| कहते हैं कि प्रारंभ के समान ही उदय होता है| जैसा प्रारंभ होगा वैसा ही उदय (evolution) भी होगा |
हमरी हुभकामना है कि आपका ब्लाग सदा चमकता रहे |
अनुनाद सिंह
"प्रारंभ" के सभी चिठ्ठाकारों को नमस्कार ।
आपने अपने चिठ्ठे का नामकरण "प्रारंभ" किया है जो कि अति मधुर और कर्णप्रिय शब्द है । परन्तु मै सोच रहा था कि आखिर "प्रारंभ, आरंभ आदि में क्या अन्तर है ? हिन्दी भाषा की सशक्तता यही है कि इसमें एक ही भाव के लिए भिन्न-भिन्न शब्द उपलब्ध है । इनमें बहुत सूक्ष्म विभेद है जिन्हें कोई हिन्दी भाषा विशेषज्ञ ही बता सकता है । इस प्रारंभ, आरंभ की पहेली को सुलझाने के लिए, मैने भी अपने मित्र डा० अशोक तिवारी, जो कि हिन्दी के अध्यापक है और आपने निरला-साहित्य में अनुशीलन नामक विषय पर अपना शोध-कार्य किया है, की सहायता प्राप्त की । उनके अनुसार, आरंभ शब्द का उपयोग दिन-प्रतिदिन और सामान्य रूप से शुरूवात करने वाले कार्यों के उल्लेख के लिए किया जाता है जबकि प्रारंभ शब्द का उपयोग विशिष्ट अवसरों पर विशेष कार्यों की शुरूवात के उल्लेख करने के लिए किया जाता है ।
इस चिठ्ठे का नामकरण "प्रारंभ" रखना सर्वथा उचित व इसकी भावना के अनुकूल है । आप सभी चिठ्ठाकारों को बहुत-बहुत बधाई ।
धनञ्जय शर्मा
mai bhi apna blog banana chata hu, kripya mujhe bataye ki kaise mai bana sakta hu.kram se bateye ki kya-kya karoo.zaldi.namaskar
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