रविवार, जनवरी 30, 2005

साफ़-सुथरा कलकत्ता

नमस्ते,

मेरे पास कलकत्ते की कुछ नयी तस्वीरे थीं जो मैं आप सब को दिखाने वाला था परन्तु अफ़सोस इस बात का है कि यह ब्लोग मुझे तस्वीरे लगाने नहीं देती।

कोई बात नहीं फिर कभी।

अब इजाज़त दीजिये

-उदय

2 Comments:

Blogger kadianpow said...

उदय जी

अपनी तस्‍विरों क्‍लास में ला सकहते हैं न? मुझे तो उनको देखना पसन्‍द होगा.
मैंने कलकते कभी नहीं गयी हूँ, मगर शायद इस गरमियों को मुझे मौका मिलेगा.

3:37 अपराह्न  
Blogger Jitendra Chaudhary said...

इसमे कौन सी परेशानी है.
फ्लिकर http://www.flickr.com पर अपना एकाउन्ट खोलो, वहाँ तस्वीरे चिपकाओ
और अपने टैग का लिंक यहाँ पर दे दो.
बस हो गया काम, उदाहरण के लिये यहाँ देखें.
http://www.flickr.com/photos/tags/kuwait

10:33 अपराह्न  

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