साफ़-सुथरा कलकत्ता
नमस्ते,
मेरे पास कलकत्ते की कुछ नयी तस्वीरे थीं जो मैं आप सब को दिखाने वाला था परन्तु अफ़सोस इस बात का है कि यह ब्लोग मुझे तस्वीरे लगाने नहीं देती।
कोई बात नहीं फिर कभी।
अब इजाज़त दीजिये
-उदय
विसकांसिन विश्वविद्यालय - मैडिसन के हिन्दी सीखने वाले छात्रों के गुफ़्तगू की इब्तदा
नमस्ते,
मेरे पास कलकत्ते की कुछ नयी तस्वीरे थीं जो मैं आप सब को दिखाने वाला था परन्तु अफ़सोस इस बात का है कि यह ब्लोग मुझे तस्वीरे लगाने नहीं देती।
कोई बात नहीं फिर कभी।
अब इजाज़त दीजिये
-उदय
2 Comments:
उदय जी
अपनी तस्विरों क्लास में ला सकहते हैं न? मुझे तो उनको देखना पसन्द होगा.
मैंने कलकते कभी नहीं गयी हूँ, मगर शायद इस गरमियों को मुझे मौका मिलेगा.
इसमे कौन सी परेशानी है.
फ्लिकर http://www.flickr.com पर अपना एकाउन्ट खोलो, वहाँ तस्वीरे चिपकाओ
और अपने टैग का लिंक यहाँ पर दे दो.
बस हो गया काम, उदाहरण के लिये यहाँ देखें.
http://www.flickr.com/photos/tags/kuwait
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