मंगलवार, अप्रैल 19, 2005

बड़ा चुहा!!

आज मेने दफ़तर में एक चुहे को देखा। वह बहुत बड़ा था। अभी मैं दफ़तर में हूँ और यह डरकर लिख रही हूँ
क्‍योंकि चूहा यहीं कहीं होगा। पता नहीं वह कहाँसे आया। बहरहालम मैं अपना धयान किसी और चीज़ पर
रखती हूँ। तो कल में और मेरी सहेली पार्टी में जायेंगे। किसी का जन्‍म दिन हैं। अभी तक यह चुहामेरे खयाल
में है। लगता है मुझे घर जाना पड़ेगा मैं यहाँ काम नहीं कर सकती जबतक यह चुहा न मरे। यहीं कहीं होगा और
छुपके से मुझे देख रहा होगा। मुझे तो अब घर भाग ना पड़ेगा!!।

3 Comments:

Blogger आशीष said...

और अगर चूहा मर गया तो आप बदबू से काम नहीं कर पायेंगी ;-) आसमान से गिरे, खजूर में लटके।

12:16 am  
Anonymous जयप्रकाश मानस said...

मैं आपकी हिन्दी पढकर बहुत खुश हुआ । मन ही मन सोचने लगा कि हिन्दी का प्रेम आपमें हिलोरें मार रहा है । आप लगातार लिखें । आपकी भाषा बहुत अच्छी हो सकती है । प्रस्तुतीकरण से लगता है कि आप हिन्दी में कविता, कहानी भी लिख सकती है । आपकी भाषा की सादगी से मैं मुदित हो उठा । सच कहा है किसी ने सरलता से ही सब कुछ कहा जा सकता है । मैं एक हिन्दी का रचनाकार हूँ । आप चाहें तों कुछ हमारे लिए लिख सकती है । हम एक किताब भी छाप रहे हैं । इसमें हम आपकी रचना भी छापना चाहते हैं । आप जबाब देवें मैं विवरण पोस्ट कर दूंगा । आप हमारा ब्लाग देख सकती हैः http://srijansamman.blogspot.com या jayprakashmanash.blogspot.com
हिन्दी लेखन के लिए बधाई ।

11:39 am  
Blogger srijansamman said...

मैं आपकी हिन्दी पढकर बहुत खुश हुआ । मन ही मन सोचने लगा कि हिन्दी का प्रेम आपमें हिलोरें मार रहा है । आप लगातार लिखें । आपकी भाषा बहुत अच्छी हो सकती है । प्रस्तुतीकरण से लगता है कि आप हिन्दी में कविता, कहानी भी लिख सकती है । आपकी भाषा की सादगी से मैं मुदित हो उठा । सच कहा है किसी ने सरलता से ही सब कुछ कहा जा सकता है । मैं एक हिन्दी का रचनाकार हूँ । आप चाहें तों कुछ हमारे लिए लिख सकती है । हम एक किताब भी छाप रहे हैं । इसमें हम आपकी रचना भी छापना चाहते हैं । आप जबाब देवें मैं विवरण पोस्ट कर दूंगा । आप हमारा ब्लाग देख सकती हैः http://srijansamman.blogspot.com या jayprakashmanash.blogspot.com
हिन्दी लेखन के लिए बधाई ।

11:45 am  

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